इस्लामिक देश इंडोनेशिया में इस जगह पर आज भी लहराता है हिन्दू धर्म का परचम

किसी समय इंडोनेशिया पूर्णतया हिन्दू भूल देश हुआ करता था लेकिन आज यह एक इस्लामिक देश है. इंडोनेशिया के इस्लामिक देश में परिवर्तित होने को लेकर कहा जाता है कि, वहां इस्लाम भी भारत से ही गया था जिसे गुजरात के भारतीय मुस्लिम व्यापारी ले गये थे.

आज का इस्लामिक देश इंडोनेशिया हिन्दुओं के पुराने देशों में से आता है जहाँ एक समय पूरे देश में हिन्दू धर्म का परचम लहराता था लेकिन समय के साथ इस देश का भी धर्म परिवर्तित होता चला गया और अब यह एक इस्लाम बहुल देश है लेकिन इंडोनेशिया दुनिया के उन मुस्लिम देशों में आता है जिसने मुस्लिम देश होते हुए भी आज भी अपनी परंपरा और विरासत बचाकर रखी है.

इस्लामिक देश इंडोनेशिया के इस द्वीप पर आज भी लहराता है हिन्दू धर्म का परचम
Source

इंडोनेशिया की भाषा और लोगों के नाम ना ही मात्र भारतीयों से मिलते जुलते हैं बल्कि शहरों और धरोहरों से लेकर पहाड़ों तक के नाम आज भी संस्कृत शब्दों में ही हैं. मातरम जिसका जिक्र वन्दे मातरम आता है इस नाम से इंडोनेशिया में एक द्वीप भी है. इंडोनेशिया के पुत्रियों के नाम के आगे पुत्री शब्द आज भी लिखा जाता है.

इंडोनेशिया के जो सबसे बड़ा ज्वालामुखी पर्वत है उसका नाम आज भी माउंट ब्रोमो है. जो कि त्रिदेवों में से एक भगवान ब्रह्मा के नाम पर रखा गया था. इंडोनेशिया ने अपना धर्म अवश्य बदल लिया पर परंपराओं से कोई समझौता नहीं किया है. आज भी वहां पर परंपराए जस की तस हैं.

इंडोनेशिया का बाली द्वीप तो पूर्णतया हिन्दू बहुल द्वीप है जहां हिन्दुओं की एक बड़ी आबादी आज भी निवास करती है. बाली के हिन्दू ना ही मात्र बेहद धार्मिक एवं पारंपरिक हैं बल्कि बेहद शांतिप्रिय और खुशहाल हैं. यही कारण है बाली इंडोनेशिया का मुख्य पर्यटन केंद्र है जहाँ घूमने पूरी दुनिया से लोग जाते हैं.

बाली बेहद खूबसूरत है, ना ही मात्र प्राकृतिक रूप से बल्कि यहाँ पर एक से बढकर एक रिसार्ट और होटल हैं. पर्यटकों के लिए बाली में बहुत कुछ ऐसा है जो उन्हें शायद कहीं और नहीं मिलेगा. खासकर हिन्दुओं के लिए बाली का महत्त्व ही अलग है. यह उनके लिए किसी तीर्थ से कम नहीं है.

इंडोनेशिया के इस्लामिक देश में परिवर्तित होने को लेकर कहा जाता है कि, वहां इस्लाम भी भारत से ही गया था जिसे गुजरात के भारतीय मुस्लिम व्यापारी ले गये थे. इंडोनेशिया में आज भी सॉफ्ट इस्लाम है और कट्टरवाद कम ही प्रान्तों में देखने को मिलता है.