आज भी इस पर्वत पर रहते हैं भगवान शिव, आजतक इस पर नहीं चढ़ पाया कोई

कैलाश पर्वत हिन्दुओं के सबसे पवित्र स्थानों में से आता है। एक श्रद्धावान हिन्दू मरने से पहले एक बार अवश्य कैलाश पर्वत यात्रा की इच्छा रखता है। उसका कारण है कैलाश पर्वत ही वह स्थान है जहाँ भगवान शिव विराजते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पवित्र कैलाश पर्वत पर आजतक कोई नही चढ़ पाया है।

आज भी इस पर्वत पर रहते हैं भगवान शिव, आजतक नहीं चढ़ पाया कोई
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माउंट एवरेस्ट जैसी विश्व की सबसे ऊँची पर्वत चोटी पर तो अबतक कई लोग चढ़ गए। मगर आजतक कैलाश पर्वत पर कोई भी नहीं चढ़ पाया है। ऐसा नहीं है कि, किसी ने कोशिश नहीं की, बल्कि कई लोगों ने कोशिश की लेकिन वो इसमें सफल नहीं हो सके। इस पवित्र पर्वत के कई अनसुलझे रहस्य है जिन्हें विज्ञान भी नहीं सुलझा पाया है।

कैलाश पर्वत पर चढ़ने की कोशिश करने वाले लोग कई तरह की बातें बताते हैं। किसी ने बताया कि अचानक उन्हें सिर दर्द होने लगा, किसी ने बताया कि उन्हें दिल की बीमारी हो गयी तो किसी का अपने आप मन ही बदल गया।इसी तरह की और भी बातें लोगों ने बताई।

जब जब किसी ने पर्वत पर चढ़ने की कोशिश की तब तब कोई न कोई ऐसी समस्या उत्पन्न हुई कि आधे रास्ते से ही पर्वतारोहियों को लौटना पड़ा, जबकिं कैलाश पर्वत एवरेस्ट से 2000 मीटर छोटा है, फिर भी आजतक कोई इस पर न चढ़ सका।

आपको जानकर हैरानी होगी कि, कैलाश पर्वत को ऊपर से देखने पर इस पर पवित्र चिन्ह ॐ लिखा दिखाई देता है। कैलाश पर्वत अपने आप ही रंग बदलता है, यह दिन में सोने (गोल्ड) के समान हो जाता है।

यह पर्वत कई दृष्टि से काफी उपयोगी है। कैलाश पर्वत से चार नदिया निकलती है, इस पर्वत में दो झीलें है। एक राक्षस झील और दूसरी मानसरोवर झील। राक्षस झील खारे पानी की झील है तथा इसका आकार चंद्रमा के समान है। जबकि मानसरोवर झील मीठे पानी की झील है एवम इसका आकार सूर्य की तरह है।

तिब्बती बौद्धों के अनुसार कैलाश पर्वत में अलौकिक शक्तियों का वास है तथा आज भी भगवान शिव यहां विराजमान है। मानसरोवर झील के बारे में कहा जाता है कि यहां आज भी ब्रह्म मुहूर्त में देवता स्नान करने आते है। कैलाश पर्वत किसी समय भारत के पास था लकिन यह आज तिब्बत(चीन) में स्थित है