देश की शिक्षा पर इमरान हाशमी ने जो बातें कही, बड़े-बड़े नेता भी नहीं कह पाते

शिक्षा व्यवस्था पर इमरान ने कही गंभीर बातें

इमरान हाशमी का नाम आते ही आपके दिमाग में जो छवि आती है अगर आप अभी भी उस पर टिके हुए हैं तो अब आपको ये बदल लेना चाहिए. इमरान अब एक नए अवतार में दुनिया के सामने है. वह एक ऐसा बेहद ही संवेदनशील मुद्दा उठाने जा रहे हैं जो उठाने की जहमत बड़े-बड़े नेता भी नहीं कर पाते हैं.

देश की शिक्षा पर इमरान हाशमी ने जो बातें कही, बड़े-बड़े नेता भी नहीं कह पाते
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इस बार इमरान अपनी नई फिल्म ‘चीट इंडिया’ के साथ आ रहे हैं जो देश की घटिया शिक्षा प्रणाली पर चोट करती है. फिल्म ‘चीट इंडिया’ का ट्रेलर सामने आ गया है. जिसकी हर कोई तारीफ कर रहा है. इस दौरान एक साक्षात्कार में इमरान हाशमी ने देश की शिक्षा प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किये हैं.

नवभारत टाइम्स को दिए गये साक्षात्कार में इमरान हाशमी ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर कहा कि, ‘हमारे देश की जो शिक्षा व्यवस्था है, वह है ही ऐसी जिससे बच्चे नकल करने पर मजबूर होते हैं. शिक्षा प्रणाली बेहद खोखली है. बच्चों पर अच्छे अंक और ग्रेड लाने का दबाव बनाया जाता है जिसकी वजह से बच्चे नकल करने को मजबूर होते हैं.’

इमरान ने कहा कि, ‘मैं यह नहीं कहता कि करना सही है है, लेकिन एक तरह से शिक्षा प्रणाली की गलती है क्योंकि इसके चलते बच्चों को दबाव का सामना करना पड़ता है. अगर यह दबाव नहीं होता, हम सिर्फ पढ़ने, चीजों को समझने और रचनात्मकता पर ज्यादा ध्यान देते तो, इन सबका फायदा बच्चों को भविष्य में मिलता और यह सारी चीजें इतनी बुरी नहीं होती. इमरान खान ने इस दौरान देश की शिक्षा प्रणाली बदलने की जरूरत बताई.

इमरान के अनुसार, ‘शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह बदलना होगा, इसे बदलने के लिए बहुत मेहनत करनी होगी, आसान नहीं है, जमी-जमाई शिक्षा व्यवस्था को बदलना. हमारे यहां रट्टा मरने का जो सिस्टम है, उसे पूरी तरह बदलना बहुत ही ज्यादा जरूरी है. पहले हम बच्चों पर रट्टा मारने का प्रेशर बनाते हैं, लेकिन नौकरी ढूंढ़ते समय यह रट्टा मारना काम नहीं आता है. यह बिना वजह का दबाव है, जिसकी वजह से हर घंटे बच्चे आत्महत्या कर रहे हैं.’

इमरान ने फिनलैंड की शिक्षा प्रणाली का उदाहरण देते हुए कहा कि, ‘होमवर्क एक बहुत बुरी चीज है, मेरी यह बात सुनकर बहुत लोग सोचेंगे कि मैं क्या बोल रहा हूं, लेकिन यह होमवर्क देने का प्रावधान भी बंद होना चाहिए. इस मामले में मैं फिनलैंड का उदाहरण दूंगा, वहां बच्चों को होमवर्क देने का प्रावधान बिल्कुल भी नहीं है और इस समय फिनलैंड की शिक्षा व्यवस्था को दुनिया में नंबर 1 शिक्षा प्रणाली का स्थान प्राप्त है.’

आगे इमरान ने कहा कि, उन्होंने रिसर्च, केस स्टडी और प्रॉब्लम सॉल्व करने पर ज्यादा जोर दिया है. वह प्रैक्टिकल और क्रिएटिव नॉलेज पर अधिक ध्यान देते हैं. हमारे यहां के सिस्टम में यह सब बातें नहीं हैं. मेरे हिसाब से सरकार को डिफेन्स से ज्यादा खर्चा शिक्षा प्रणाली में करना चाहिए, मैं मानता हूं डिफेन्स बहुत जरूरी है, शिक्षा भी उतना ही जरूरी है, शिक्षा से एक नई पीढ़ी का विकास होता है.