पाकिस्तान बनाने के बाद जिन्ना के दिमाग में जो ख्याल आते थे, वो आपको हैरान कर देंगे

जिन्ना ने अलग देश पाकिस्तान की मांग जरुर की थी लेकिन बंटवारे पर लिखने वाले लेखकों के अनुसार पाकिस्तान में जिन्ना के सपनों पर वैसा अमल नहीं हुआ जिसका उन्होंने सपना देखा था। पाकिस्तान बनाने के बाद जिन्ना के दिमाग में जो ख्याल आते थे उस पर से आज भी पर्दा नहीं उठाया जाता है।

पाकिस्तान बनाने के बाद जिन्ना के दिमाग में जो ख्याल आते थे, वो आपको हैरान कर देंगे
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जिन्ना ने पाकिस्तान के कट्टरपंथी लोगों से अल्पसंख्यकों के साथ अपने भाई जैसे व्यवहार करने की अपील की थी लेकिन उन्हें चुन-चुन कर मारा गया था। खुद जिन्ना को लाहौर में एक मस्जिद में भाषण के दौरान अपमानित किया गया था।

आखिरकार वो दिन आया जब पाकिस्तान बनाने वाले जिन्ना को पता चल गया था जो वो चाहते थे वैसा कुछ ना हुआ। जिन्ना गुजरात से संबंध रखते थे लेकिन उनका सबसे प्रिय शहर बॉम्बे था जहां उनका दिल लगता था।

बॉम्बे शहर के खूबसूरत इलाके मालाबार हिल में ही जिन्ना ने अपने सपनों का आशियाना भी बनाया था। बंटवारे के बाद जिन्ना पाकिस्तान का बनना एक बड़ी गलती मानते थे। वह किसी भी कीमत अपनी इस गलती को सुधारना चाहते थे लेकिन बहुत देर हो चुकी थी।

मुस्लिम लीग की साल 1947 दिसंबर में हुई एक बैठक में मोहम्मद अली जिन्ना ने साफ कहा था कि, ‘मैं आज भी खुद को हिन्दुस्तानी मानता हूं। मैं उस दिन का इंतज़ार करूंगा जब मैं अपने वतन लौटूंगा और अपने देश के नागरिकों को भी वहां वापस ले जा सकूंगा।’

हालांकि ऐसा नहीं हुआ, साल 1948 में जिन्ना ने इस दुनिया से विदा लिया। लेकिन आज भी पाकिस्तान अपने कायदे आजम के सपनों का पाकिस्तान नहीं बन पाया। अगर ऐसा हुआ होता तो तस्वीर अलग होती।