भारत के 6 सबसे बड़े झूठ, आखिरी झूठ सुनकर हिल जाओगे

Top lies of India

कहा जाता है कोई झूठ अगर बार-बार बोला जाय तो वह सच हो जाता है। ऐसी झूठे तथ्यों को बढ़ावा देने में सोशल मीडिया की भी काफी भूमिका रही है। हमारे देश में कई ऐसे झूठ हैं जिन्हें हम हमेशा से सही मानते रहे हैं। आज हम आपको बताएंगे उन 6 झूठों के बारे में जिन्हें आप सच मानते आये हैं।

महात्मा गांधी मॉडल के साथ नृत्य कर रहे हैं 

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गांधी के आलोचक अक्सर इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर करते हैं। इस तस्वीर में महात्मा गांधी को मॉडल के साथ नृत्य करते हुए दिखाया गया है। जबकि हकीकत यह है कि गांधी जैसा दिखने वाला यह व्यक्ति ऑस्ट्रेलिया का अभिनेता है जिसने गांधीजी की तरह ही वेशभूषा धारण कर रखी है।

भारत आजादी के बाद से ही सेक्युलर देश है

हम शुरू से ऐसा मानता आ रहे हैं कि देश आजादी के बाद से ही सेक्यूलर देश है। जबकि हकीकत यह है कि देश के संविधान के प्रस्तावना में 1947 में सेक्यूलर शब्द का कोई जिक्र नहीं किया गया था। बल्कि 1976 में संवैधानिक संशोधन के बाद सेक्यूलर शब्द को संविधान में शामिल किया गया था।

महात्मा गांधी ने कहा था कि एक आंख के बदले एक आंख दुनिया को अंधा बना देगी

महात्मा गांधी ने अपने संदेशों के जरिए देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर में जागरुकता फैलाई है। उनके एक लाइन में कहे गए वाक्य दुनिया भर में विख्यात हैं। लेकिन “एन आई फॉर एन आई मेक्स द वर्ल्ड ब्लाइंड” इस वाक्य को जिसे आप महात्मा गांधी का मान रहे हैं वो दरअसल गांधी फिल्म में बेन किंग्सले ने कहे थे और इस बारे में ऐसा कोई भी तथ्य मौजूद नहीं है कि महात्मा गांधी ने यह वाक्य कहा था।

मिल्खा सिंह ने रेस के दौरान पीछे मुड़कर देखा था

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फ्लाइंग सिख मिल्खा सिंह केवल देश में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में अपनी रफ्तार के लिए जाने जाते हैं। आप आज तक सुनते आए होंगे कि मिल्खा सिंह 1960 के रोम ओलंपिक में रेस के दौरान सबसे आगे थे और इस दौरान उन्होंने पीछे मुड़कर देखा था। जबकि हकीकत यह है कि मिल्खा सिंह इस रेस में पांचवी लेन में थे अपने जबरदस्त प्रयास के बाद वो इस रेस में चौथे स्थान पर रहे थे।

हिंदी भारत की एकमात्र आधिकारिक भाषा है

आप भी हमारी तरह शुरू से पढ़ते आए होंगे कि हिंदी भारत देश की एकमात्र आधिकारिक भाषा है। लेकिन असल में सच्चाई यह है कि पंजाबी, मराठी, गुजराती, तमिल, कन्नड़ और अंग्रेजी सहित बीस से अधिक ऐसी भाषाएं हैं जिन्हें देश की आधिकारिक भाषा के तौर पर घोषित किया गया है। यही नहीं सभी राज्यों को अपनी भाषा के प्रचार-प्रसार की इजाजत भी दी गई है।

हॉकी भारत का राष्ट्रीय खेल है

काफी सालों से आप सभी हॉकी को देश का राष्ट्रीय खेल मानते आ रहे हैं। लेकिन एक आरटीआई के जवाब में इस बात का खुलासा हुआ है कि हॉकी को देश के राष्ट्रीय खेल के तौर पर कभी घोषित ही नहीं किया गया। बावजूद इसके हम  किताबों में हॉकी को देश के राष्ट्रीय खेल के तौर पर पढ़ते आ रहे हैं।